कोयल बोले भोले की याद सताए - Koyal Bole Bhole Ki Yaad Sataye Lyrics in Hindi – Sakshi
Koyal Bole Bhole Ki Yaad Sataye Song Details:
Song: Koyal Bole Bhole ki yaad SatayeSinger: Sakshi
Lyrics: Kamal Singh Putti
Music: Arun Mishra”Diginor Studio”
Director: Yash Bhardwaj
Music Label: Krishna Kripa
Koyal Bole Bhole Ki Yaad Sataye Lyrics in Hindi
हरे हरे बागों में गौरा झूले
ठंडी हवा चले सावन की
कोयल बोले याद सताए
भोले नाथ मन भावन की
हाँ हाँ हरे हरे बागों में गौरा झूले
ठंडी हवा चले सावन की
कोयल बोले, कोयल बोले याद सताए
भोले नाथ मन भावन की
भोले नाथ मन भावन की
अरे हरे हरे बागों में गौरा झूले
ठंडी हवा चले सावन की
कोयल बोले याद सताए
भोले नाथ मन भावन की
कभी तो मिलेंगे, कहीं तो मिलेंगे
इच्छा बतानी है मन की
हाँ हाँ कभी तो मिलेंगे, कहीं तो मिलेंगे
इच्छा बतानी है मन की
बहार बिना कोई कदर नहीं है
खिलते हुए इस उपवन की
अरे खिलते हुए इस उपवन की
हाँ खिलते हुए इस उपवन की
जाने कब आवाज सुनेगे
पायल की इस खन खन की
हरे हरे बागों में गौरा झूले
ठंडी हवा चले सावन की
अरे हरे हरे बागों में गौरा झूले
ठंडी हवा चले सावन की
सारी सखियाँ गायें मल्हारी
गुड़िया, चिड़िया आँगन की
सारी सखियाँ गायें मल्हारी
गुड़िया, चिड़िया आँगन की
शिव की दीवानी हो गयी स्यानी
समय रही ना बचपन की
हाँ समय रही ना बचपन की
अरे समय रही ना बचपन की
52 चिट्टी लिख लिख डाली
पुरे हप्ते बावन की
अरे 52 चिट्टी लिख लिख डाली
पुरे हप्ते बावन की
हरे हरे बागों में गौरा झूले
ठंडी हवा चले सावन की
तीन लोक में चर्चा कमल सिंह
शिव योगी की योगन की
तीन लोक में चर्चा कमल सिंह
शिव योगी की योगन की
रुत सावन की जब जब आये
बढ़ी लालसा दर्शन की
अरे बढ़ी लालसा दर्शन की
हाँ बढ़ी लालसा दर्शन की
जय शिव जय शिव जपते जपते
समय बीत जाये जीवन की
अरे हरे हरे बागों में गौरा झूले
ठंडी हवा चले सावन की
कोयल बोले याद सताए
भोले नाथ मन भावन की
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